पेट में ulcer होने पर इस diet Plan को अपने आहार की दिनचर्या में शामिल करें

By | September 11, 2018

ulcer पेट से जुड़ी एक ऐसी समस्या है जिसका समय पर उपचार न किया जाये तो यह आगे चलकर बहुत गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है | पेट में ulcer यानि पेट में घाव या छाले भी कह सकते है | पेट में ulcer होने पर medical treatment के साथ-साथ आपको अपनी आहारशैली में भी परिवर्तन की जरुरत है | untreated ulcer आगे चलकर पेट में cancer का कारण बन सकता है या फिर chronic gastritis को जन्म दे सकता है(Diet Plan in ulcer)|

पेट में ulcer होने का कारण : –

जब भी हम कोई खाना खाते है तो उस खाने को ठीक प्रकार से पचाने के लिए हमारे पेट में एसिड बनता है | जिसका प्रभाव पेट की अंदर की दीवारों पर नहीं पड़ता है क्योंकि पेट के अंदर की सतह acid proof होती है | किन्तु जब गलत खान-पान की वजह से पेट में बहुत अधिक एसिड बनता है और यह क्रिया लम्बे समय तक चलती रहती है तो धीरे-धीरे पेट के अंदर की दीवारे कमजोर होकर gastritis या ulcer का कारण बनती है | हम कह सकते है कि acidity या hyperacidity ही मुख्य रूप से ulcer के कारण बनते है | इसलिए एसिडिटी या hyperacidity होने पर तुरंत इसका उपचार किया जाना चाहिए ताकि ulcer होने की सम्भावना ही न हो |

पेट में ulcer होने का एक और मुख्य कारण Helicobacter Pylori Bacteria  का होना है | H. Pylori के संक्रमण के कारण भी पेट में peptic ulcer होने की सम्भावना बहुत अधिक बढ़ जाती है | इसलिए इस प्रकार के ulcer के treatment के लिए डॉक्टर्स से परामर्श के साथ-साथ अपनी भोजन शैली में भी परिवर्तन की आवश्यकता है |

Diet Plan in ulcer 

diet plan in ulcer

पेट में ulcer होने पर दिखाई देने वाले लक्षण : –

  • पेट में लगातार जलन महसूस करना |
  • पेट में भयंकर दर्द का अनुभव करना |
  • खट्टी डकारे आना , सिर दर्द रहना या फिर भोजन में रूचि न होना |
  • ulcer अधिक होने पर दस्त में blood आने की भी सम्भावना हो जाती है |

ulcer होने पर इस प्रकार का diet plan बनाये : –

Diet Plan in ulcer :

ulcer होने पर doctor की सलाह के साथ-साथ यदि आप नीचे दिए गये diet plan के अनुसार भोजन करते है तो आपको ulcer से जल्द से जल्द छुटकारा मिल जायेगा और आप भी स्वस्थ जीवन का आनंद उठा सकेंगे :

ब्रेकफ़ास्ट/ नास्ता – सुबह 8.00 से 9.00 बजे के बीच  :   एक कटोरी ताजा दही लेकर उसमें थोड़ी शक्कर(पीली वाली) मिला ले | इस दही को आप नास्ते के रूप में प्रयोग करें |

दोपहर 11.00 से 12.00 बजे के बीच : एक कच्चा केला लेकर इसके ऊपर का छिलका उतार दे अब इस केले को कुकर में पानी में डालकर एक सिटी देकर उबाल ले | अब इस केले में स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर ताजा रोटी के साथ खाए | एक या 1.5 रोटी से अधिक न खाए | रोटी के हर निवाले को कम से कम 50 बार चबाकर खाए | ध्यान दे : भोजन को काफी देर तक चबाकर खाना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है |

दोपहर 02.00 pm से 03.00 pm के बीच : कच्चे नारियल का पानी पीये | ध्यान दे : कच्चे नारियल का पानी ताजा ही पीना चाहिए |

शाम 04.00 pm से 04.30 pm के बीच :  Oats का दलिया , सेब( सेब के बाहर का छिलका उतार दे), Brown ब्रेड, बिल्कुल पका हुआ केला, पका हुआ पपीता या तरबूज इन सभी में से किसी भी एक चीज का सेवन आप अपनी इच्छा अनुसार कर सकते है लेकिन खूब चबा-चबाकर खायें |

रात्रि 08.00 pm से 08.30 pm के बीच : छिलका दाल और चावल से बनी खिचड़ी का सेवन करें | बिना मिर्च, मसाले और बिल्कुल कम तेल द्वारा बनी घिया/लौकी, पेठा, कद्दू और तौरी की सब्जी व 2 रोटी का सेवन भी किया जा सकता है | सब्जी बनाने में तेल की जगह गाय का देशी घी प्रयोग करें किन्तु बहुत ही कम मात्रा में |

ulcer होने पर रोगी को खाली पेट नहीं रहना चाहिए | थोड़ा-थोड़ा खाते रहना चाहिए | उपरोक्त diet plan के अनुसार भोजन करने के बाद भी यदि आप किसी समय भूख का अहसास करते है तो फाइबर युक्त या आटे से बने बिस्कुट खा सकते है(Diet Plan in ulcer)|

ulcer होने पर ऐसा भोजन भूलकर भी न करें : –

  • अधिक तैलीय भोजन | अधिक वसा युक्त भोजन |
  • बासी भोजन न करें |
  • अधिक समय तक फ्रीज़ में रखा भोजन न करें |
  • हरी मिर्च – लाल मिर्च और काली मिर्च व तीखे मसालें वाले भोजन न करें |
  • नीम्बू – खट्टा दही या जूस आदि का सेवन न करें |
  • जंक फ़ूड या बाहर का खाना न खाए (Diet Plan in ulcer)|

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ulcer एक सामान्य बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है(Diet Plan in ulcer)| ठीक प्रकार से उपचार करने पर यह आसानी से ठीक भी हो जाती है | इसलिए ध्यान दे : ulcer होने पर आपको एसिडिटी पर पूर्ण रूप से control करना होगा | जैसे ही आपके पेट के अंदर एसिड की अधिकता कम होने लगती है ulcer स्वतः ही heal होने लगते है | उपरोक्त diet plan को आप ulcer में ही नहीं अपितु एसिडिटी या hyperacidity होने पर भी कुछ दिन प्रयोग कर सकते है | इससे आपको 100 % सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे |

 

 

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