ह्रदय रोग – कारण-लक्षण और ह्रदय रोग से बचने के उपाय

By | September 29, 2018

आज के समय में ह्रदय रोग सबसे अधिक तेजी से फ़ैल रहा है | ह्रदय रोग न सिर्फ वृद्ध और बूढों को अपना शिकार बनाता है बल्कि युवा भी इसकी चपेट में आ रहे है | ह्रदय को शरीर में सबसे महत्वपूर्ण अंग माना गया है | इसका सीधा-सीधा अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि ह्रदय लगातार 24 घंटे कार्यरत रहता है | कुछ सेकंड्स भी यह कार्य करना बंद कर दे तो व्यक्ति की मृत्यु निश्चित है | एक स्वस्थ व्यक्ति का ह्रदय एक मिनट में लगभग 72 बार धड़कता है | और 24 घंटों में लगभग 100800 बार धड़कता है | ह्रदय(Hridya Rog Hindi) हमारे शरीर के खून की पम्पिंग का कार्य करता है | ह्रदय के कारण ही खून पूरे शरीर में प्रवाह करता है |

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ह्रदय रोग के कारण : –

जैसे-जैसे के व्यक्ति की उम्र बढ़ती जाती है उसके शरीर में वसा का जमाव होने लगता है | इसी वसा के जमने से शरीर में cholestrol की मात्रा बढ़ने लगती है | ह्रदय को रक्त पहुचाने वाले नलिकाओं में जब cholestrol जमा होने लगता है तो धीरे-धीरे खून का प्रवाह रुकने लगता है | और एक समय ऐसा आता है पूर्ण रूप से cholestrol ह्रदय को रक्त पहुचाने वाली नाकिलाओं में जमा हो जाता है जिससे ह्रदय घात( heart attack) की स्थिति उत्पन्न हो जाती है |

उम्र के बढ़ने के साथ-साथ यदि खाने में वसा को नियंत्रित नहीं किया तो ह्रदय रोग होना स्वाभाविक है | लेकिन आज युवा भी इस भयंकर रोग की चपेट में आ रहे है इसके पीछे मुख्य कारण शारीरिक श्रम न करना, गलत खान-पान, अधिक धूम्रपान करना और शराब पीना है | जो युवा अपने शरीर पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते है और लगातार लम्बे समय तक तैलीय भोजन का प्रयोग करते है बिल्कुल भी शारीरिक श्रम नहीं करते, ऐसे युवा को ह्रदय रोग होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है |

कुछ अन्य कारण भी जो ह्रदय रोग को जन्म देते है : जैसे – high blood pressure, low blood pressure, diabetes, high cholesterol और मोटापा आदि | ये सभी रोग जिस भी रोगी को होते है उन्हें भी ह्रदय रोग होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है |

ह्रदय रोग के लक्षण

छाती में बायीं तरफ ठीक ह्रदय वाले स्थान पर भयंकर दर्द होना, सुई की तरह पीड़ा होना, ह्रदय वाले स्थान पर भारीपन या किसी प्रकार का दबाव महसूस होना ये सभी ह्रदय रोग के लक्षण हो सकते है | ह्रदय घात आपको बिना किसी लक्षण दिखाई दिए एकदम से भी हो सकता है | जिससे तुरंत व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है(Hridya Rog Hindi) |

ह्रदय रोग से बचने के उपाय : –

ह्रदय रोग से बचाव करना स्वयं व्यक्ति के हाथ में होता है | ह्रदय रोग से बचने के लिए संतुलित भोजन करना बहुत जरुरी है | साथ में योगासन, व्यायाम, सुबह की सैर, कसरत करना, दौड़ना या फिर खेल खेलना इस प्रकार के शारीरिक श्रम करने से शरीर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होता है | ह्रदय रोग के पीछे सबसे बड़ा कारण ही शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना है | यदि आप कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखते है तो आपको ह्रदय रोग होने की सम्भावना न्यूनतम हो जाती है |

अन्य जानकारियाँ : –

40 वर्ष की आयु के बाद व्यक्ति को भोजन में वसा का प्रयोग नहीं करना चाहिए | अगर आपकी उम्र भी 40 से अधिक है तो अपने खाने में वसा की मात्रा को न्यूनतम करें | वसा हमें चिकनाई युक्त भोजन से प्राप्त होती है जैसे : तेल,घी, मक्खन आदि(Hridya Rog Hindi) |

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